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भारतीय त्योहार व हिंदू व्रत की सूची

भारतीय त्योहार · हिंदू व्रत सूची 2026-2027

यहां पर सभी प्रमुख भारतीय त्योहार और व्रत की पंचांग की गणना पर आधारित सूची दी गयी है। Astro Hindi वैदिक पंचांग पर अपना स्थान डालकर शहर की तिथि देखें।

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व्रत / त्योहार तिथि पंचांग आधार विवरण
दशहरा / विजयदशमी तिथि लोड हो रही है… आश्विन शुक्ल दशमी — अनेक क्षेत्रों में राम विजय और शारदीय नवरात्रि का समापन। पढ़ें
दीपावली तिथि लोड हो रही है… कार्तिक अमावस्या — लक्ष्मी-गणेश पूजन और घर की सफाई का दीपोत्सव। पढ़ें
होली / होलिका दहन तिथि लोड हो रही है… फाल्गुन पूर्णिमा — अनेक क्षेत्रों में रंगों का उत्सव और होलिका दहन। पढ़ें
राम नवमी तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल नवमी — भगवान राम की जयंती। पढ़ें
कृष्ण जन्माष्टमी तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद कृष्ण अष्टमी — भगवान कृष्ण की जन्मतिथि। पढ़ें
गणेश चतुर्थी तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — सार्वजनिक और घरेलू गणेश उत्सव। पढ़ें
महाशिवरात्रि तिथि लोड हो रही है… फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी — जागरण और शिव पूजन। पढ़ें
रक्षाबंधन तिथि लोड हो रही है… श्रावण पूर्णिमा — भाई-बहन रक्षा सूत्र का पर्व। पढ़ें
करवा चौथ तिथि लोड हो रही है… कार्तिक कृष्ण चतुर्थी — अनेक रीतियों में चंद्रोदय के बाद व्रत-विराम। पढ़ें
मकर संक्रांति तिथि लोड हो रही है… सूर्य की मकर संक्रांति — भारत भर में फसल और तिल-गुड़ का पर्व। पढ़ें
वसंत पंचमी तिथि लोड हो रही है… माघ शुक्ल पंचमी — सरस्वती पूजा और वसंत का पीला उत्सव। पढ़ें
गुरु पूर्णिमा तिथि लोड हो रही है… आषाढ़ पूर्णिमा — गुरु और आचार्य परंपरा का सम्मान। पढ़ें
हनुमान जयंती तिथि लोड हो रही है… अनेक उत्तर भारतीय पंचांगों में चैत्र पूर्णिमा — हनुमान जयंती। पढ़ें
नाग पंचमी तिथि लोड हो रही है… श्रावण शुक्ल पंचमी — नाग देवता स्मरण। पढ़ें
अक्षय तृतीया तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल तृतीया — शुभ आरंभ और दान की परंपरा। पढ़ें
चैत्र नवरात्रि आरंभ तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — वसंत नवरात्रि और कई क्षेत्रों में नववर्ष आरंभ। पढ़ें
शारदीय नवरात्रि आरंभ तिथि लोड हो रही है… आश्विन शुक्ल प्रतिपदा — देवी पूजन की शारदीय नवरात्रि। पढ़ें
दुर्गा अष्टमी तिथि लोड हो रही है… आश्विन शुक्ल अष्टमी — शारदीय नवरात्रि की प्रमुख देवी पूजा। पढ़ें
गोवर्धन / अन्नकूट तिथि लोड हो रही है… कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा — अनेक परंपराओं में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट। पढ़ें
भाई दूज तिथि लोड हो रही है… कार्तिक शुक्ल द्वितीया — दीपावली के बाद भाई-बहन आशीर्वाद का दिन। पढ़ें
कार्तिक पूर्णिमा / देव दीपावली तिथि लोड हो रही है… कार्तिक पूर्णिमा — अनेक क्षेत्रों में स्नान और देव दीपावली। पढ़ें
अनंत चतुर्दशी तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी — अनंत पूजन और अनेक क्षेत्रों में गणेश विसर्जन। पढ़ें
अहोई अष्टमी तिथि लोड हो रही है… कार्तिक कृष्ण अष्टमी — अनेक उत्तर भारतीय परंपराओं में संतान और परिवार के कल्याण का व्रत। पढ़ें
धनतेरस / धनत्रयोदशी तिथि लोड हो रही है… कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी — धन्वंतरि स्मरण, दीपदान और दीपावली की जिम्मेदार तैयारी। पढ़ें
नरक चतुर्दशी तिथि लोड हो रही है… कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी — क्षेत्रानुसार अभ्यंग स्नान, काली चौदस और छोटी दिवाली की परंपरा। पढ़ें
शीतला अष्टमी / बसोड़ा तिथि लोड हो रही है… पूर्णिमांत चैत्र कृष्ण अष्टमी — भोजन-सुरक्षा के विशेष ध्यान के साथ शीतला पूजन। पढ़ें
गंगा दशहरा तिथि लोड हो रही है… ज्येष्ठ शुक्ल दशमी — गंगा स्मरण, दान और जिम्मेदार जल-तट पालन। पढ़ें
निर्जला एकादशी तिथि लोड हो रही है… ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी — कठोर व्रत, जिसे स्वास्थ्य और मौसम के अनुसार ही अपनाएं। पढ़ें
देवशयनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… आषाढ़ शुक्ल एकादशी — विष्णु उपासना और चातुर्मास का पारंपरिक आरंभ। पढ़ें
देवउठनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… कार्तिक शुक्ल एकादशी — विष्णु जागरण परंपरा और चातुर्मास समापन। पढ़ें
मोहिनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल एकादशी — विष्णु उपासना, संयम और आत्मचिंतन। पढ़ें
कामदा एकादशी तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल एकादशी — अनुशासित विष्णु उपासना और धर्मसम्मत संकल्प। पढ़ें
पापमोचनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… चैत्र कृष्ण एकादशी — विष्णु भक्ति, उत्तरदायित्व और हानिकारक आचरण के सुधार का दिन। पढ़ें
योगिनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… आषाढ़ कृष्ण एकादशी — संयम, विष्णु स्मरण और करुणामय आचरण का दिन। पढ़ें
इंदिरा एकादशी तिथि लोड हो रही है… आश्विन कृष्ण एकादशी — पितृ पक्ष में विष्णु उपासना और सम्मानपूर्ण पितृ-स्मरण। पढ़ें
रमा एकादशी तिथि लोड हो रही है… कार्तिक कृष्ण एकादशी — विष्णु-लक्ष्मी स्मरण, संयम और धर्मसम्मत आजीविका पर चिंतन। पढ़ें
उत्पन्ना एकादशी तिथि लोड हो रही है… मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी — अनुशासित विष्णु उपासना और एकादशी-व्रत की पारंपरिक कथा। पढ़ें
सफला एकादशी तिथि लोड हो रही है… पौष कृष्ण एकादशी — विष्णु उपासना, अनुशासित प्रयास और आत्मसुधार का दिन। पढ़ें
जया एकादशी तिथि लोड हो रही है… माघ शुक्ल एकादशी — विष्णु भक्ति और अनुशासित आचरण से हानिकारक आदतों पर विजय का संकल्प। पढ़ें
विजया एकादशी तिथि लोड हो रही है… फाल्गुन कृष्ण एकादशी — निश्चित विजय के दावे के बजाय प्रार्थना, तैयारी और धर्मसम्मत दृढ़ता। पढ़ें
आमलकी एकादशी तिथि लोड हो रही है… फाल्गुन शुक्ल एकादशी — विष्णु उपासना, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पारंपरिक आंवला-वृक्ष पूजन। पढ़ें
वरुथिनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… वैशाख कृष्ण एकादशी — संयम, जिम्मेदार संरक्षण, दान और विष्णु स्मरण का दिन। पढ़ें
अपरा एकादशी तिथि लोड हो रही है… ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी — विष्णु भक्ति, उत्तरदायित्व और नैतिक सुधार। पढ़ें
पौष पुत्रदा एकादशी तिथि लोड हो रही है… पौष शुक्ल एकादशी — संतान-गारंटी के बिना पारिवारिक प्रार्थना और जिम्मेदार देखभाल। पढ़ें
श्रावण पुत्रदा एकादशी तिथि लोड हो रही है… श्रावण शुक्ल एकादशी — विष्णु उपासना और करुणामय परिवार-कल्याण प्रार्थना। पढ़ें
परिवर्तिनी एकादशी तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद शुक्ल एकादशी — चातुर्मास में आत्मचिंतन और सकारात्मक परिवर्तन का पालन। पढ़ें
वामन जयंती तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद शुक्ल द्वादशी — वामन स्मरण, विनम्रता, कर्तव्य और संयम। पढ़ें
कूर्म जयंती तिथि लोड हो रही है… वैशाख पूर्णिमा — कूर्म स्मरण तथा स्थिरता और सहयोग के मूल्य। पढ़ें
मत्स्य जयंती तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल तृतीया — मत्स्य स्मरण तथा जीवन और ज्ञान के जिम्मेदार संरक्षण का भाव। पढ़ें
कल्कि जयंती तिथि लोड हो रही है… श्रावण शुक्ल षष्ठी — धर्म और भविष्य के नैतिक नवीकरण पर भक्तिपूर्ण चिंतन। पढ़ें
गंगा सप्तमी तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल सप्तमी — गंगा स्मरण, कृतज्ञता और जिम्मेदार नदी-संरक्षण। पढ़ें
नारद जयंती तिथि लोड हो रही है… ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा — नारद स्मरण और सत्यपूर्ण संवाद पर चिंतन। पढ़ें
गीता जयंती / मोक्षदा एकादशी तिथि लोड हो रही है… मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी — श्रीमद्भगवद्गीता अध्ययन और विष्णु उपासना। पढ़ें
राधा अष्टमी तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद शुक्ल अष्टमी — अनेक वैष्णव परंपराओं में श्रीराधा उपासना। पढ़ें
सीता नवमी / जानकी नवमी तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल नवमी — माता सीता, गरिमा, साहस और धर्म का स्मरण। पढ़ें
रथ सप्तमी तिथि लोड हो रही है… माघ शुक्ल सप्तमी — सूर्य उपासना, कृतज्ञता और अनुशासित दिनचर्या। पढ़ें
नरसिंह जयंती तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल चतुर्दशी — नरसिंह स्मरण और धर्म-संरक्षण। पढ़ें
शनि जयंती तिथि लोड हो रही है… ज्येष्ठ अमावस्या — अनुशासन, न्याय और सेवा के साथ शनि स्मरण। पढ़ें
शरद पूर्णिमा / कोजागरी तिथि लोड हो रही है… आश्विन पूर्णिमा — चंद्र-प्रकाश उपासना और क्षेत्रीय कोजागरी परंपराएं। पढ़ें
बुद्ध पूर्णिमा / वेसाक तिथि लोड हो रही है… वैशाख पूर्णिमा — बुद्ध स्मरण, करुणा और सजग आचरण की शिक्षा। पढ़ें
हरियाली तीज तिथि लोड हो रही है… श्रावण शुक्ल तृतीया — वर्षा ऋतु, शिव-पार्वती उपासना और क्षेत्रीय महिला उत्सव। पढ़ें
कजरी तीज तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद कृष्ण तृतीया — क्षेत्रीय कजरी गीत, परिवार कल्याण और शिव-पार्वती उपासना। पढ़ें
हरतालिका तीज तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद शुक्ल तृतीया — शिव-पार्वती उपासना और स्वैच्छिक व्रत परंपरा। पढ़ें
गणगौर तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल तृतीया — गौरी, वसंत और सामुदायिक कला का प्रमुख राजस्थानी पर्व। पढ़ें
वट सावित्री अमावस्या तिथि लोड हो रही है… उत्तर भारतीय परंपरा में ज्येष्ठ अमावस्या — सावित्री स्मरण और स्वैच्छिक परिवार-कल्याण व्रत। पढ़ें
जीवित्पुत्रिका / जितिया तिथि लोड हो रही है… आश्विन कृष्ण अष्टमी — बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल का क्षेत्रीय परिवार-कल्याण व्रत। पढ़ें
परशुराम जयंती तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल तृतीया — परशुराम स्मरण, सामान्यतः अक्षय तृतीया के साथ। पढ़ें
रोहिणी व्रत तिथि लोड हो रही है… मासिक रोहिणी नक्षत्र पालन; जैन पंचांग में अतिरिक्त नियम हो सकते हैं। पढ़ें
महावीर जयंती तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल त्रयोदशी — महावीर स्मरण, अहिंसा और संयम। पढ़ें
लोहड़ी तिथि लोड हो रही है… उत्तर भारतीय शीत और फसल-ऋतु का सामुदायिक पर्व, सामान्यतः 13 जनवरी। पढ़ें
आंबेडकर जयंती तिथि लोड हो रही है… 14 अप्रैल को डॉ. बी. आर. आंबेडकर, समानता, संवैधानिक मूल्यों और शिक्षा का स्मरण। पढ़ें
विश्वकर्मा पूजा तिथि लोड हो रही है… शिल्प, अभियांत्रिकी और कार्यस्थल का पर्व, सामान्यतः 17 सितंबर; क्षेत्रीय तिथि बदल सकती है। पढ़ें
पोंगल तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी मकर प्रवेश के निकट तमिल फसल पर्व। पढ़ें
थाई पोंगल तिथि लोड हो रही है… तमिल पोंगल पर्व-चक्र का मुख्य सूर्य और फसल दिवस। पढ़ें
भोगाली बिहू तिथि लोड हो रही है… मकर संक्रमण के निकट असम का फसल उत्सव। पढ़ें
पुथांडु तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी मेष प्रवेश के निकट तमिल सौर नववर्ष। पढ़ें
विशु तिथि लोड हो रही है… मेष प्रवेश के निकट केरल का सौर ऋतु-पर्व। पढ़ें
विशु कणी तिथि लोड हो रही है… विशु से जुड़ी मंगल प्रथम-दर्शन गृह परंपरा। पढ़ें
पोइला बैसाख तिथि लोड हो रही है… मेष प्रवेश के निकट बंगाली सौर नववर्ष, क्षेत्रीय पंचांग अनुसार। पढ़ें
रोंगाली बिहू तिथि लोड हो रही है… मेष ऋतु के आसपास असम का वसंत और नववर्ष उत्सव। पढ़ें
बैसाखी तिथि लोड हो रही है… मेष संक्रमण के निकट पंजाब का फसल और सिख ऐतिहासिक पर्व। पढ़ें
बसव जयंती तिथि लोड हो रही है… वैशाख शुक्ल तृतीया को बसवन्ना और नैतिक सामाजिक सुधार का स्मरण। पढ़ें
छठ पूजा तिथि लोड हो रही है… कार्तिक शुक्ल षष्ठी का सूर्योदय संकेत; अर्घ्य समय स्थानानुसार है। पढ़ें
चैती छठ तिथि लोड हो रही है… वसंतकालीन छठ के लिए चैत्र शुक्ल षष्ठी का सूर्योदय संकेत। पढ़ें
उगादि तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का क्षेत्रीय चंद्र नववर्ष संकेत। पढ़ें
गुड़ी पड़वा तिथि लोड हो रही है… महाराष्ट्र और निकटवर्ती परंपराओं का चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष। पढ़ें
चेटी चंड तिथि लोड हो रही है… सिंधी नववर्ष के लिए चैत्र शुक्ल द्वितीया का सूर्योदय संकेत। पढ़ें
नारली पूर्णिमा तिथि लोड हो रही है… श्रावण पूर्णिमा का तटीय कृतज्ञता और समुद्र-संबंधी पर्व। पढ़ें
जगन्नाथ रथ यात्रा तिथि लोड हो रही है… आषाढ़ शुक्ल द्वितीया का यात्रा संकेत; आधिकारिक मंदिर कार्यक्रम मान्य है। पढ़ें
हेरा पंचमी तिथि लोड हो रही है… जगन्नाथ रथ यात्रा चक्र में आषाढ़ शुक्ल पंचमी का पर्व। पढ़ें
बथुकम्मा तिथि लोड हो रही है… तेलंगाना के पुष्प-पर्व चक्र के लिए आश्विन अमावस्या आरंभ संदर्भ। पढ़ें
नुआखाई तिथि लोड हो रही है… पश्चिमी ओडिशा के नव-अन्न पर्व के लिए भाद्रपद शुक्ल पंचमी संदर्भ। पढ़ें
वैकुंठ एकादशी तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी धनु सौर मास की शुक्ल एकादशी। पढ़ें
स्कंद षष्ठी तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी तुला सौर मास की शुक्ल षष्ठी। पढ़ें
कार्तिक अष्टाह्निका तिथि लोड हो रही है… जैन अष्टदिवसीय पालन के लिए कार्तिक शुक्ल अष्टमी आरंभ संदर्भ। पढ़ें
कार्तिकी चौमासी चौदस तिथि लोड हो रही है… कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी संदर्भ; अन्य चक्रों के लिए जैन पंचांग आवश्यक है। पढ़ें
ओणम तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी सिंह सौर मास में श्रवण नक्षत्र, केरल पंचांग नियमों के अधीन। पढ़ें
त्रिशूर पूरम तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी मेष सौर मास में पूरम नक्षत्र; आधिकारिक मंदिर तिथि मान्य है। पढ़ें
कार्तिगई दीपम तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी वृश्चिक सौर मास में कृत्तिका नक्षत्र। पढ़ें
थाईपूसम तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी मकर सौर मास में पुष्य नक्षत्र। पढ़ें
चित्तिरै उत्सव तिथि लोड हो रही है… लाहिड़ी मेष प्रवेश ऋतु-संदर्भ है, संपूर्ण मदुरै मंदिर कार्यक्रम नहीं। पढ़ें
खारची पूजा तिथि लोड हो रही है… त्रिपुरा पर्व कार्यक्रम के लिए आषाढ़ शुक्ल अष्टमी आरंभ संदर्भ। पढ़ें
पर्युषण आरंभ तिथि लोड हो रही है… तिथि संबंधित श्वेतांबर या दिगंबर जैन पंचांग से तय होती है; हिंदू पंचांग से अनुमान नहीं लगाया जाता। पढ़ें
संवत्सरी तिथि लोड हो रही है… तिथि श्वेतांबर जैन पर्युषण पंचांग और समुदाय की आधिकारिक सूचना से तय होती है। पढ़ें
बोनालु तिथि लोड हो रही है… तिथियां और मंदिर क्रम तेलंगाना सरकार तथा मंदिरों के वार्षिक कार्यक्रम से तय होते हैं। पढ़ें
अट्टुवेला महोत्सव तिथि लोड हो रही है… केरल मंदिर पंचांग और आयोजन प्राधिकरण पर्व-तिथि तय करते हैं। पढ़ें
खोरदाद साल तिथि लोड हो रही है… तिथि समुदाय द्वारा अपनाई गई पारसी पंचांग परंपरा पर निर्भर है। पढ़ें
नवरोज तिथि लोड हो रही है… पालन की तिथि संबंधित ईरानी या पारसी पंचांग प्राधिकरण तय करता है। पढ़ें
लोसर तिथि लोड हो रही है… तिथि संबंधित तिब्बती या हिमालयी चंद्र पंचांग परंपरा से तय होती है। पढ़ें
हेमिस उत्सव तिथि लोड हो रही है… हेमिस मठ का आधिकारिक लद्दाख कार्यक्रम पर्व-तिथियां तय करता है। पढ़ें
सागा दावा तिथि लोड हो रही है… तिथि तिब्बती बौद्ध चंद्र पंचांग और परंपरा के प्राधिकरण से तय होती है। पढ़ें
तुलसी विवाह तिथि लोड हो रही है… कार्तिक शुक्ल द्वादशी — क्षेत्रीय तुलसी-विष्णु पूजन परंपरा। पढ़ें
नर्मदा जयंती तिथि लोड हो रही है… माघ शुक्ल सप्तमी — नर्मदा स्मरण और जिम्मेदार नदी-संरक्षण। पढ़ें
फुलेरा दूज तिथि लोड हो रही है… फाल्गुन शुक्ल द्वितीया — राधा-कृष्ण भक्ति और ब्रज की पुष्प परंपरा। पढ़ें
रंग पंचमी तिथि लोड हो रही है… चैत्र कृष्ण पंचमी — होली के बाद का क्षेत्रीय रंगोत्सव। पढ़ें
यमुना छठ तिथि लोड हो रही है… चैत्र शुक्ल षष्ठी — यमुना स्मरण और नदी-संरक्षण। पढ़ें
महालया अमावस्या तिथि लोड हो रही है… आश्विन अमावस्या — पितृ पक्ष समापन और पितृ-स्मरण। पढ़ें
पितृ पक्ष आरंभ तिथि लोड हो रही है… भाद्रपद पूर्णिमा से पितृ-स्मरण पक्ष का संक्रमण। पढ़ें
सर्वपितृ अमावस्या तिथि लोड हो रही है… आश्विन अमावस्या — कुल-परंपरा अनुसार समस्त पितरों का स्मरण। पढ़ें
मासिक कालाष्टमी तिथि लोड हो रही है… प्रत्येक कृष्ण अष्टमी — भैरव स्मरण; काल भैरव जयंती अलग है। पढ़ें
मासिक शिवरात्रि तिथि लोड हो रही है… प्रत्येक कृष्ण चतुर्दशी — स्थानीय रात्रि समय सहित मासिक शिव स्मरण। पढ़ें
मार्गदर्शिकाएं

हिंदू त्योहार कैलेंडर — पंचांग सहित व्रत और पर्व तिथियाँ

हिंदू त्योहार कैलेंडर वर्ष की व्रत और पर्व तिथियाँ उनके पीछे के पंचांग विवरण सहित देता है: वह तिथि जो व्रत को परिभाषित करती है, वह चंद्र मास जिसमें वह पड़ती है, पक्ष, और वे समय जो तय करते हैं कि व्रत कब आरंभ और कब समाप्त होगा। यह किसी सूची से नकल किया नहीं, गणना से बना कैलेंडर है।

पूरी गाइड और सामान्य प्रश्न पढ़ें

भारतीय त्योहार तिथियाँ ग्रेगोरियन कैलेंडर के सापेक्ष खिसकती हैं क्योंकि वे चंद्र-सौर प्रणाली पर चलती हैं। अधिकांश त्योहार किसी नामित चंद्र मास की तिथि से बँधे हैं — दीपावली के लिए कार्तिक अमावस्या, रक्षाबंधन के लिए श्रावण पूर्णिमा — और चूँकि चंद्र वर्ष सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटा है, ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।

क्षेत्रीय भिन्नताएँ वास्तविक हैं और यह पृष्ठ उन्हें दबाने के बजाय स्वीकार करता है। अमांत और पूर्णिमांत मास परंपराएँ, सूर्योदय आधारित दिन गणना, और स्थानीय सामुदायिक प्रथा किसी त्योहार को एक दिन खिसका सकती हैं। जहाँ ऐसा हो, कैलेंडर यह नोट करता है। यह सांस्कृतिक व धार्मिक जानकारी है, चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह नहीं।

त्योहार की तिथियाँ हर वर्ष क्यों बदलती हैं

हिंदू कैलेंडर चंद्र-सौर है। मास चंद्र से नापे जाते हैं, क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार एक अमावस्या से अगली तक या एक पूर्णिमा से अगली तक, जबकि वर्ष को ऋतुओं से मिलाकर रखने का काम सूर्य करता है। चंद्र वर्ष लगभग तीन सौ चौवन दिन का होता है, सौर वर्ष से ग्यारह दिन कम।

मासों को ऋतुओं से दूर खिसकने से रोकने के लिए लगभग हर तीन वर्ष में अधिक मास नामक एक अतिरिक्त मास जोड़ा जाता है। अधिक मास वाले वर्ष में प्रभावित मासों के त्योहार काफी खिसक जाते हैं, इसीलिए कुछ वर्षों में लगता है कि दीपावली या होली असामान्य रूप से देर से आई।

चूँकि त्योहार किसी सौर तिथि से नहीं, तिथि से बँधे हैं, ग्रेगोरियन तारीख हर वर्ष एक अनुमानित सीमा के भीतर खिसकती है। पिछले वर्ष की तारीख याद रखने के बजाय तिथि और मास जान लेना ही यह अनुमान लगाने का विश्वसनीय तरीका है कि त्योहार कब पड़ेगा।

तिथि, पक्ष, और व्रत का दिन कैसे तय होता है

तिथि चंद्र दिन है, जो सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी के बारह अंश बढ़ने से परिभाषित होती है। चूँकि वह कोण असमान गति से बदलता है, तिथि सौर दिन से छोटी या बड़ी हो सकती है, और वह शायद ही सूर्योदय पर आरंभ होती है।

इसीलिए एक ही त्योहार दो कैलेंडरों में दो अलग तारीखों पर दिख सकता है। अधिकांश परंपराएँ यह नियम लगाती हैं कि सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही दिन पर शासन करती है, पर कुछ व्रत किसी विशेष समय की तिथि लेते हैं — मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष काल — जिससे तारीख एक दिन खिसक सकती है।

मास दो पक्षों में चलता है: शुक्ल, अमावस्या से पूर्णिमा तक का उजला पक्ष, और कृष्ण, उसके बाद का अँधेरा पक्ष। एकादशी दोनों में आती है, प्रदोष महीने में दो बार, और पूर्णिमा तथा अमावस्या पूरे चक्र को बाँधती हैं।

कैलेंडर की गणना कैसे होती है (लाहिड़ी अयनांश)

हर तिथि के लिए सूर्य और चंद्र के देशांतर निकाले जाते हैं और लाहिड़ी अयनांश से निरयण मान में बदले जाते हैं, जो भारतीय पंचांग का मानक संदर्भ है। तिथि सीमाएँ, नक्षत्र परिवर्तन, योग व करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और उनसे निकले समय — सब उन्हीं गणना की गई स्थितियों से बनते हैं।

स्थान का महत्व लोगों की अपेक्षा से अधिक है। गुवाहाटी और अहमदाबाद के सूर्योदय में एक घंटे से अधिक का अंतर है, और चूँकि तिथि का शासन सूर्योदय पर तय होता है, कोई त्योहार देश के पूर्व और पश्चिम में वास्तव में अलग दिनों पर पड़ सकता है।

जहाँ अमांत और पूर्णिमांत परंपराएँ एक ही अवधि के लिए अलग मास नाम देती हैं, वहाँ कैलेंडर बताता है कि वह कौन सी परंपरा उपयोग कर रहा है। यह चुपचाप एक चुनकर उसे सार्वभौमिक नहीं बताता, क्योंकि ठीक इसी तरह परिवारों में तारीख को लेकर मतभेद होता है।

उदाहरण: एक त्योहार की तिथि खोजना

महाशिवरात्रि लीजिए, जो पूर्णिमांत परंपरा में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर पड़ती है, और अमांत परंपरा में माघ मास की। वही रात, दो मास नाम, इस पर निर्भर कि आप कौन सी क्षेत्रीय प्रणाली मानते हैं।

यह व्रत सूर्योदय से नहीं, निशीथ काल यानी रात के मध्य भाग से जुड़ा है। इसलिए निर्णायक प्रश्न यह नहीं कि प्रातः किस दिन चतुर्दशी है, बल्कि यह कि आधी रात किस रात्रि में चतुर्दशी है — यह नियम कभी-कभी त्योहार को सामान्य सूर्योदय गणना से एक दिन पहले रख देता है।

इसलिए कैलेंडर तिथि के आरंभ-अंत समय, आपके स्थान के लिए निशीथ काल की खिड़की, और अगली सुबह का पारण समय दिखाता है। ये तीन तथ्य याद की हुई तारीख पर निर्भर रहने के बजाय व्रत की ठीक योजना बनाने देते हैं।

ईमानदार सीमाएँ और कैलेंडर का उपयोग

गणना किया कैलेंडर संदर्भ है, आपकी पारिवारिक परंपरा पर अधिकार नहीं। यदि आपका स्थानीय मंदिर, सामुदायिक पंचांग या पारिवारिक प्रथा किसी त्योहार को अलग दिन मानती है, तो उसी का पालन करें। भारतीय त्योहार पालन में क्षेत्रीय भिन्नता वास्तविक और प्राचीन है, और कोई गणना उसे नहीं काटती।

यदि व्रत आपके लिए सुरक्षित न हो तो कृपया न करें। गर्भावस्था, मधुमेह, कम वज़न, भोजन के साथ ली जाने वाली दवा, और बीमारी से उठना — सब व्रत छोड़ने के कारण हैं, और परंपरागत अभ्यास दान या अतिरिक्त मंत्र जप को पूरी तरह विकल्प मानता है। यह चिकित्सा सलाह नहीं है; संदेह हो तो चिकित्सक से पूछें।

कैलेंडर का उपयोग योजना के लिए करें: यात्रा बुक करना, पूजा की व्यवस्था, या बाज़ार अवकाश कब है यह जानना। दैनिक पंचांग विवरण के लिए पंचांग साधन खोलें। किसी विशेष कार्य की तिथि चुनने के लिए त्योहार सूची नहीं, मुहूर्त खोजक सही पृष्ठ है।

विश्वसनीय ज्योतिष साधन
  • हर व्रत और पर्व की तिथि उसके पीछे की तिथि, पक्ष और चंद्र मास सहित देखें।
  • समझें कि त्योहार तिथियाँ हर वर्ष क्यों खिसकती हैं और अधिक मास उन पर क्या करता है।
  • सूर्योदय पर निर्भर समय किसी डिफ़ॉल्ट शहर के लिए नहीं, अपने स्थान के लिए गणना किए पाएँ।
  • अमांत और पूर्णिमांत परंपराएँ चुपचाप चुनी नहीं, खुलकर बताई हुई देखें।
  • मानक भारतीय पंचांग से संगत लाहिड़ी निरयण गणनाओं पर काम करें।
सामान्य प्रश्न

हिंदू त्योहार की तिथियाँ हर वर्ष क्यों बदलती हैं?

क्योंकि कैलेंडर चंद्र-सौर है। त्योहार चंद्र मास की किसी तिथि से बँधे हैं, और चंद्र वर्ष सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटा होता है।

तिथि क्या है?

तिथि चंद्र दिन है, जो हर बार सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी बारह अंश बढ़ने पर पूरी होती है। यह शायद ही सूर्योदय पर आरंभ होती है और इसकी लंबाई बदलती रहती है।

अधिक मास क्या है?

लगभग हर तीन वर्ष में जोड़ा जाने वाला अतिरिक्त चंद्र मास, जो कैलेंडर को ऋतुओं से मिलाकर रखता है। उस वर्ष यह त्योहार तिथियाँ काफी खिसका देता है।

मेरा स्थानीय कैलेंडर अलग तारीख क्यों दिखाता है?

सूर्योदय समय, अमांत बनाम पूर्णिमांत मास परंपरा, और सामुदायिक प्रथा क्षेत्र के अनुसार बदलती हैं। ऐसी स्थिति में अपने स्थानीय प्रमाण का पालन करें।

शुक्ल और कृष्ण पक्ष में क्या अंतर है?

शुक्ल अमावस्या से पूर्णिमा तक का उजला पक्ष है; कृष्ण पूर्णिमा से अमावस्या तक का अँधेरा पक्ष। प्रत्येक में पंद्रह तिथियाँ होती हैं।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

लाहिड़ी, भारतीय पंचांग का मानक, इसलिए यहाँ की तिथि सीमाएँ और त्योहार तिथियाँ परंपरागत पंचांग से सहमत रहती हैं।

क्या मेरा स्थान तिथियाँ बदलता है?

बदल सकता है। भारत भर में सूर्योदय में एक घंटे से अधिक अंतर है, और तिथि का शासन सूर्योदय पर तय होने से त्योहार पूर्व और पश्चिम में अलग दिन पड़ सकता है।

क्या व्रत करना आवश्यक है?

नहीं। परंपरागत अभ्यास दान या अतिरिक्त मंत्र जप को विकल्प मानता है, और गर्भावस्था, मधुमेह या अस्वस्थता में व्रत की सलाह नहीं दी जाती।

पारण समय क्या है?

यह व्रत खोलने की खिड़की है, प्रायः अगली सुबह बताई गई सीमा के भीतर। कैलेंडर इसे व्रत के अन्य समयों के साथ दिखाता है।

किसी कार्यक्रम की तिथि चुनने के लिए कहाँ जाऊँ?

मुहूर्त खोजक पर। त्योहार कैलेंडर बताता है कि व्रत कब पड़ते हैं; मुहूर्त साधन किसी विशेष कार्य के लिए उपयुक्त समय चुनता है।

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