मुख्य सामग्री पर जाएँ

वैदिक पंचांग

खोज फ़ॉर्म खोलें

स्थान और तारीख

हम आपके क्षेत्र का पंचांग दिखाएँगे।

निर्देशांक बदलें

इस दिन कोई गणना-आधारित प्रमुख व्रत या हिंदू पर्व संकेत सूचीबद्ध नहीं है।

वार

मंगलवार

तिथि

तृतीया (शुक्ल पक्ष)

सूर्योदय

7:40 AM

सूर्यास्त

6:55 PM

नक्षत्र

विशाखा

योग

प्रीति

करण

गर

चंद्र राशि

तुला

अमांत चंद्र मास

आश्विन

मासिक दृश्य
‹

अक्टूबर 2026

›
पर्व / व्रत संकेत तारीख चुनने पर विवरण बाईं ओर खुलेगा। तारीख चुनने पर विवरण ऊपर खुलेगा।

इस महीने के हिंदू पर्व और व्रत

14 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. गणेश चतुर्थी — भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — सार्वजनिक और घरेलू गणेश उत्सव।

व्रत : 1. विनायक चतुर्थी — मासिक शुक्ल चतुर्थी — गणेश आराधना और विघ्न-हरण भाव से जुड़ी।

सभी देखें
3 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. जीवित्पुत्रिका / जितिया — पूर्णिमांत परंपरा की आश्विन कृष्ण अष्टमी का सूर्योदय संकेत।
2. कृष्ण जन्माष्टमी — भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की रात्रि — श्री कृष्ण जन्म-स्मरण।

व्रत : 1. कालाष्टमी — मासिक कृष्ण अष्टमी संकेत; वार्षिक काल भैरव जयंती अलग पालन है।

6 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. इंदिरा एकादशी — पूर्णिमांत परंपरा में पितृ पक्ष की आश्विन कृष्ण एकादशी का सूर्योदय संकेत।

व्रत : 1. एकादशी व्रत — एकादशी तिथि। विष्णु-केंद्रित उपवास और सात्त्विक अनुशासन का दिन।

11 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. शारदीय नवरात्रि आरंभ — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा अधिकांश उत्तर भारतीय पंचांग में शारदीय नवरात्रि खोलती है।

18 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. दुर्गा अष्टमी — आश्विन शुक्ल अष्टमी — कई घरों में नवरात्रि की प्रमुख पूजा तिथि।

20 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. दशहरा / विजयदशमी — आश्विन शुक्ल दशमी — विजय स्मरण और शस्त्र/विद्या पूजन का दिन।

25 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. शरद पूर्णिमा / कोजागरी — आश्विन पूर्णिमा का सूर्योदय संकेत; चंद्रोदय और रात्रि पालन हेतु स्थानीय समय आवश्यक है।
2. कार्तिक पूर्णिमा / देव दीपावली — कार्तिक पूर्णिमा — तीर्थ, दीपदान और कई पुण्य नगरों में देव दीपावली।

व्रत : 1. पूर्णिमा — पूर्णिमा तिथि। कई परिवार दान, सत्यनारायण या शांत रात्रि अनुष्ठान रखते हैं।

29 अक्टूबर 2026

पर्व : 1. करवा चौथ — कार्तिक कृष्ण चतुर्थी — कई उत्तर भारतीय परिवारों में सायंकाल चंद्र-दर्शन व्रत।

व्रत : 1. संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण चतुर्थी को संकष्टी के रूप में माना जाता है: सायंकाल चंद्र-दर्शन और संयमित भोजन।

1 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. रोहिणी व्रत — सूर्योदय पर रोहिणी नक्षत्र का मासिक संकेत; जैन पालन में अतिरिक्त नियम हो सकते हैं।

8 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. प्रदोष व्रत — त्रयोदशी की सायंकालीन प्रदोष बेला — सूर्यास्त बाद शिव आराधना से जुड़ी।

9 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. मासिक शिवरात्रि — मासिक कृष्ण चतुर्दशी संकेत; स्थानीय निशीथ पूजन के लिए अलग समय-गणना आवश्यक है।

10 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. अमावस्या — अमावस्या तिथि। पितृ-स्मरण और संयमित दिनचर्या के लिए उपयोगी मानी जाती है।

21 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. एकादशी व्रत — एकादशी तिथि। विष्णु-केंद्रित उपवास और सात्त्विक अनुशासन का दिन।

23 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. प्रदोष व्रत — त्रयोदशी की सायंकालीन प्रदोष बेला — सूर्यास्त बाद शिव आराधना से जुड़ी।

28 अक्टूबर 2026

व्रत : 1. रोहिणी व्रत — सूर्योदय पर रोहिणी नक्षत्र का मासिक संकेत; जैन पालन में अतिरिक्त नियम हो सकते हैं।

हिंदू पर्व कब है — दीपावली, होली, दशहरा और पूरी सूची

दीपावली, होली, दशहरा और अन्य हिंदू पर्वों की गणना-आधारित तिथि, पूजन संकेत और शहर का पंचांग नीचे के पृष्ठों पर खुलता है।

देखें
सभी भारतीय / हिंदू त्योहार गाइड एक जगह। पूरी पर्व सूची देखें →
श्रेष्ठ उपाय

भावनात्मक स्थिरता अभ्यास

इस परिणाम के लिए सबसे अच्छा पहला उपाय चंद्र से जुड़ा है, क्योंकि गणना चंद्र राशि और नक्षत्र पर आधारित है। एक मंत्र, एक वार और एक आचरण 21 दिन रखें।

मंत्र

ॐ सोमाय नमः

श्रेष्ठ दिन

सोमवार

दान

सफेद चावल, दूध या नम्रता से भोजन दान।

अभ्यास

चंद्र भावनाओं पर शासन करता है। नियमित आराम, पर्याप्त नींद और शांत वातावरण का अभ्यास करें। पारिवारिक संबंधों को समर्थन दें।

सावधानी: यह नींद या मनोदशा की चिकित्सा नहीं है। कष्ट बने तो योग्य सहायता लें।

  • चंद्र मातृत्व और पोषण का प्रतीक है। माताओं, पीड़ित महिलाओं या छोटे बच्चों की मदद करें।
  • 21 दिन तक एक ही उपाय रखें; पहले सप्ताह नया अनुष्ठान न जोड़ें।
  • यह आध्यात्मिक सहयोग है, चिकित्सा या कानूनी सलाह नहीं।
पूर्ण वैदिक उपाय खोलें
मार्गदर्शिकाएं

वैदिक पंचांग और हिंदू पर्व कैलेंडर कैसे पढ़ें

वैदिक पंचांग कैलेंडर आपके चयनित स्थान के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, सूर्योदय-सूर्यास्त, पक्ष, और गणना-आधारित हिंदू पर्व/व्रत संकेत दिखाता है। परिणाम से पहले स्थान, तारीख और टाइमज़ोन भरें — या वर्तमान स्थान उपयोग करें। खाली पृष्ठ नई दिल्ली, आज या Asia/Kolkata नहीं गढ़ता।

पूरी गाइड और सामान्य प्रश्न पढ़ें

पर्व संकेत चंद्र तिथि और लाहिड़ी सूर्य-राशि खिड़की को मिलाकर बनते हैं (जैसे दीपावली पर कार्तिक अमावस्या, होली पर फाल्गुन पूर्णिमा, या एकादशी पर ग्यारहवीं तिथि)। यह योजना और स्मरण के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन है; जब मंदिर का समय बिल्कुल सटीक चाहिए तब स्थानीय पंचांग/परंपरा की पुष्टि करें।

मासिक दृश्य से व्रत-पर्व दिन देखें, तारीख खोलकर पाँच अंगों का विवरण पढ़ें, और जब प्रश्न दैनिक पंचांग से आगे जाए तभी मुहूर्त खोज या कुंडली साधन अपनाएँ। इस पृष्ठ को घरेलू योजना का जीवंत पंचांग मानें, शुभ फल की गारंटी नहीं।

पाँच अंगों का सरल अर्थ

तिथि सूर्य-चंद्र कोण से बना चंद्र दिन है। नक्षत्र चंद्र का तारा-मंडल है। योग और करण दिन की गुणवत्ता को और स्पष्ट करते हैं। वार, सूर्योदय और सूर्यास्त घरेलू अनुष्ठान के नागरिक दिन का ढाँचा देते हैं।

पक्ष बताता है कि चंद्र बढ़ रहा है (शुक्ल) या घट रहा है (कृष्ण)। पूर्णिमा और अमावस्या पूर्ण/नव चंद्र चिह्न हैं। एकादशी, प्रदोष और संकष्टी मासिक व्रत-लय हैं।

चयनित तारीख खोलें तो पहले तिथि, फिर नक्षत्र, फिर सूर्योदय-सूर्यास्त पढ़ें। यही क्रम अधिकतर उत्तर भारतीय घरेलू पंचांग सिखाते हैं, और इससे पर्व लेबल को घड़ी-घंटे के मुहूर्त से उलझने से बचाया जा सकता है।

हिंदू पर्व संकेत कैसे दिखते हैं

महाशिवरात्रि, राम नवमी, रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे नामित पर्व तब चिह्नित होते हैं जब गणना की तिथि और सूर्य-राशि खिड़की सामान्य उत्तर भारतीय पंचांग अभ्यास से मेल खाए।

क्षेत्रीय कैलेंडर सूर्योदय नियम या मास-नाम भेद से पर्व एक दिन आगे-पीछे कर सकते हैं। इस संकेत को स्पष्ट प्रथम मार्गदर्शन मानें, फिर परिवार या मंदिर समय से पुष्टि करें।

एकादशी और प्रदोष जैसे आवर्ती व्रत नामित पर्व से अधिक बार दिखते हैं। साप्ताहिक अनुशासन के लिए इन्हें उपयोग करें; नामित त्योहार की व्याख्या के लिए भारतीय पर्व हब खोलें।

स्थान गढ़े बिना मासिक दृश्य कैसे उपयोग करें

आपके क्षेत्र के सूर्योदय-आधारित अंगों के लिए स्थान, तारीख और टाइमज़ोन जरूरी हैं। अधूरे स्थान पर चुपचाप दिल्ली नहीं भरी जाती। भू-कोडिंग अनिश्चित हो तो शहर सुधारें या निर्देशांक दें।

महीने में सघन अनुष्ठान समूह देखें — जैसे नवरात्रि से दशहरा, या कार्तिक से दीपावली — फिर एक-एक तारीख खोलें। हर दिन जल्दी खोलने से तिथि लेबल घुल जाते हैं।

जब प्रश्न “विवाह या गृह प्रवेश के लिए अच्छा दिन है?” हो, तो कैलेंडर छोड़कर मुहूर्त खोज खोलें। पंचांग दिन के अंग बताता है; मुहूर्त किसी आयोजन के लिए तिथि-सीमा क्रम देता है।

उदाहरण: एक चयनित दिन कैसे पढ़ें

मान लें आप स्थान अनुमति देकर किसी उत्तर भारतीय शहर में 12 अक्टूबर चुनते हैं। पहले फॉर्म पर शहर और टाइमज़ोन जाँचें, फिर तिथि-पक्ष, फिर नक्षत्र, फिर सूर्योदय-सूर्यास्त पढ़ें।

यदि पर्व संकेत दिखे तो मंदिर घंटा गढ़ने के बजाय मेल खाता पर्व गाइड खोलें। यदि संकेत न हो, तब भी पाँच अंगों से साधारण व्रत या यात्रा योजना बन सकती है।

यदि AI गुरु जी ने “दशहरा कब है” पूछा हो, तो चैट से तारीख गढ़वाने के बजाय अपना स्थान भरकर यहीं लौटें।

सटीक उपयोग और ईमानदार सीमाएँ

पंचांग समय और अनुष्ठान मार्गदर्शन है। यह चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह नहीं है, और परिणाम की गारंटी नहीं देता। विवाह या बड़े मुहूर्त के लिए मुहूर्त खोज और आवश्यकता पर पूर्ण कुंडली समीक्षा अपनाएँ।

लाहिड़ी निरयण गणना इस कैलेंडर को अन्य Astro Hindi कुंडली साधनों से मिलाती है। उष्णकटिबंधीय अखबार राशि-कॉलम को इससे मिलाने से पर्व-समझ गड़बड़ा सकती है।

यदि परिवार दक्षिण भारतीय या मंदिर-विशेष मास परंपरा मानता है, तो कभी-कभी एक दिन का अंतर सामान्य है — यह टूटा कैलकुलेटर नहीं, परंपरा-भेद है।

विश्वसनीय ज्योतिष साधन
  • अपने स्थान की दैनिक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, सूर्योदय और सूर्यास्त देखें।
  • महीने में हिंदू पर्व और व्रत संकेतों को संक्षिप्त व्याख्या के साथ स्कैन करें।
  • अधूरे स्थान का अनुमान लगाए बिना किसी भी तारीख का चयनित-दिन विवरण खोलें।
  • आगे के चरण के लिए मुहूर्त खोज, चंद्र राशि, पर्व हब या AI गुरु जी पर जाएँ।
  • सार्वजनिक पंचांग निःशुल्क रखें; तिथियों को योजना-मार्गदर्शन मानें, वादा की गई घटना नहीं।
सामान्य प्रश्न

पंचांग किस काम आता है?

पंचांग से चंद्र समय, नक्षत्र लय, तिथि गुण, सूर्योदय-सूर्यास्त ढाँचा और सामान्य हिंदू अनुष्ठान दिन समझने में मदद मिलती है।

शुरू में पृष्ठ खाली क्यों है?

फॉर्म, सत्र, IP क्षेत्र या वर्तमान स्थान अनुमति से स्थान तैयार होने तक नई दिल्ली, आज या Kolkata टाइमज़ोन नहीं माना जाता।

दशहरा कब है / दीपावली कब है — कहाँ देखें?

अपने स्थान के साथ Astro Hindi वैदिक पंचांग खोलें, या /hindu-festivals/dussehra-kab-hai और /hindu-festivals/diwali-kab-hai देखें।

भारतीय त्योहार / त्योहार की सूची कहाँ है?

/hindu-festivals पर भारतीय व हिंदू पर्व (त्योहार) गाइड खोलें, या स्थान डालकर वैदिक पंचांग कैलेंडर पर पर्व संकेत स्कैन करें।

कैलेंडर पर कौन-से हिंदू पर्व दिखते हैं?

एकादशी और प्रदोष जैसे आवर्ती व्रत, तथा होली, राम नवमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे नामित पर्व — जब तिथि और सूर्य-राशि खिड़की मेल खाए।

क्या मंदिर की तारीख से अंतर हो सकता है?

हाँ। सूर्योदय नियम और क्षेत्रीय मास-भेद से पर्व एक दिन सरक सकता है। इसे मार्गदर्शन मानें और सटीक अनुष्ठान समय स्थानीय पुष्टि से लें।

क्या AI गुरु जी पर्व तिथि बताते हैं?

हाँ। “दशहरा कब है”, “भारतीय त्योहार”, या “diwali kab hai” पूछें — वे Astro Hindi पंचांग और मेल खाते पर्व गाइड की ओर ले जाते हैं।

क्या केवल पंचांग से मुहूर्त तय हो जाता है?

दैनिक संदर्भ के लिए यह अच्छा आधार है। पाँच जीवन आयोजनों के लिए मुहूर्त खोज का उपयोग करें; महत्वपूर्ण संस्कार के लिए कुंडली और परंपरा समीक्षा जरूरी रहती है।

क्या अधूरे शहर या ग्रह गढ़े जाते हैं?

नहीं। आवश्यक स्थान या निर्देशांक माँगे जाते हैं; चुपचाप डिफ़ॉल्ट नहीं भरे जाते।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश उपयोग करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) निरयण गणना, जो Astro Hindi के अन्य सार्वजनिक कुंडली साधनों से मेल खाती है।

AI गुरु जी लाइव चैट
सामान्य मार्गदर्शन, साधन सहायता या आध्यात्मिक स्पष्टता के लिए पूछें। यह पूर्ण परामर्श का विकल्प नहीं है।
Astro Hindi में आपका स्वागत है। पहले Hindi या English चुनें, फिर अपना प्रश्न पूछें। मैं उसी भाषा में आगे जवाब दूँगा।
बोलने के लिए माइक दबाए रखें। छोड़ने पर रुक जाएगा।